द फॉलोअप डेस्क
बिहार में जमीन के दाखिल-खारिज के मामलों में अब लिपिकीय या गणितीय गलतियों का समाधान तुरंत किया जाएगा। इसे लेकर राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अब इन मामलों में सुधार का काम जल्द से जल्द किया जाएगा। समाहर्ता द्वारा जारी आदेश में यह सुनिश्चित किया गया है कि इस प्रक्रिया का 100 प्रतिशत पालन हो। CO सुधार सकते हैं गलतियां
बता दें कि अब रैयतों को पहले सुनवाई की तारीख पर ही अपने आवश्यक कागजात और साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद संबंधित अंचलाधिकारी (CO) इन गलतियों को सुधारेंगे, जिससे रैयतों को बार-बार DCLR कोर्ट के चक्कर लगाने की परेशानी से निजात मिलेगी।
रैयतों को होगा ये फायदा
जानकारी हो कि इस नए नियम के तहत रैयतों को छोटी लिपिकीय या गणितीय भूलों के कारण लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा। CO के स्तर पर ही इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जिससे समय और पैसे की बचत होगी। सभी समाहर्ताओं को सचिव ने इस दिशा में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय से जमीन मालिकों को एक बड़ी राहत मिल सकती है। क्योंकि अब उन्हें सिर्फ छोटी-सी गलती की वजह से महीनों तक कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होंगे।